What is in this Site

Words by my feelings, emotions and heart. I usually express my feelings by writing. What I think I write, what is in my mind I write, what I think about, feel about, emotions, I write. There are lots of think that I want to write specially I write, express my emotions, my feelings, what is in my mind, from my heart by writing poetry. I like to writing these things in poetic way. So this site usually represents poetry written by me and perhaps there will be some feelings in non-poetic way, maybe but specially it represents poetry written by my.

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Hey,

 Akash here, I am 25, I am from the great, Dharm Nagri AYODHYA. Let’s talk about my interest, I like writing, playing guitar, loving animals and yes thinking. I can’t tolerate wrong things, bol hi deta hun. I took stand against it, but sometime by writing.

Ab Hinidi mein aa jate hain,

क्योंकि इतना अग्रेंजी काफ़ी है भाई, अब मैं बात करता हुंँ एक story की कि मैं लिखना कैसे सुरु किया। Class 3rd, हा इस class में सब पहुँचते हैं, मजाक था। जब मैं class 3rd में था तो इक शायरी थी जो मजाक मजाक में अधिकतर बच्चे बोलते थे,
” क्या शेर मारा, क्या शेर मारा कि शेरनी विधवा हो गयी।”
तो मैं भी सबसे यही बोलता था, तो लोग बोलते थे बस हो गया। कुछ अपना भी सुनाओ, तो मैं बोलता मैं शायर थोड़ी हूँ। पर थोड़ा महसूस हुआ but भूल गया। उस समय social media नहीं था ना, तो लोगों को डायरी लिखने का बहुत शौख था, एक दिन मैंने दीदी की DAIRY देखा तो उसमें शायरी और गाने लिखे हुए थे, जितना लिखा था मैंने पढ़ा जितना लिखा था, तो थोड़ा सा अहम पर आया कि जब ये लिख सकती हैं तो मै क्यूँ नहीं । तो उस समय मैंने लिखा, कुछ ऐसे कि,
प्यार में जीते है सब यारों क्या खबर किसे प्यार है………

हाँ I know थोड़ा सा odd सा है but पहली है तो खास है मेरे लिए, फिर ऐसे ही चलता रहा कभी-कभी ऐसे ही लिखता था but बहुत कम |
फिर जब 9th गया, उस समय नया-नया चला था activity करने वाला , तो हिन्दी की मैम थी, उन्होने कहा कि आज सबको कविता लिखना है, अफसोस मैं नहीं लिख पाया , तो मेरे एक दोस्त ने कुछ lines बताई और मैंने वही लिखा। कुछ दिन बाद result आया तो मैम ने सबका नाम बोला पर मेरा नहीं बोला, उन्होंने ने कहा कि किसी other section के student से मिलती जुलती है। बेज्जती कर दी। मुझे दु:ख हुआ कि मेरे कम बोलने के वजह से मैं गलत हो गया और दूसरा वाला सही हो गया, आखिर copy तो उसने भी किया था। मैं उस समय ऐसा था भी कि लोगों को लगता था कि मैं ऐसा कोई काम कर ही नहीं सकता। लेकिन मैम की बात से बहुत ठेस पहुँचा, बेज्जती हो गयी बे। एक चीज बता दूं कि उस समय मुझे मालूम नहीं था कि शेर और कविता एक दुसरे के meaning हैं पर उसके बाद से मैंने लिखना शुरू किया, यही काम ही किया। 9th से मैंने इतना लिखा कि शौक हो गया, खाली समय मिला तो लिखो। ये शौक इतना चढ़ा कि मैं 9th से 12 CLASS तक, कविता लिख देता था essay के बीच में, 12-13 पन्ने का essay। तब से अब तक एक चीज बदली है, पहले मैं प्यार की बाते लिखता था तो वो सामाज के तरफ़ मुख मोड़ लेती थी, अब मैं कुछ भी लिखता हूं तो प्रेम की तरफ़ मुख मोड़ लेती है। मेरे लेख समझाना आसान नहीं है, इसके बहुत से अर्थ होते हैं , इसे मैं ही समझा सकता हूं, कहने का मतलब बहुत से अर्थ होते हैं तो मैं ही समझा सकता हूं कि कौन-कौन से अर्थ है, या मैंने किस भावना के साथ लिखा है, जज़बात क्या है, मैं लिखता हूं पर समझ नहीं आया कभी कि अपनी शायरी लोगों तक कैसे पहुचाऊँ, किताब कैसे छपवाई जाती है। पिछ्ले कुछ महीनों से सोच रहा हूँ कि एक blog बनाता हूं, समझ नहीं आ रहा था कि कैसे बनाऊ, अभी भी नहीं आ रहा है, website कैसे चलाई जाती है, पर अब बना रहे है देखते है चलता है कि नहीं। चलेगा तो ठीक, नहीं चलेगा तो चलाएँगे। एक साल मे चलेगा, 2 साल मे चालेगा, 5 साल मे चलेगा, मेरे लिखे हुए शब्द लोगों तक पहुँच जाए बस , नहीं तो लिखने का मतलब क्या रह जाएगा जब किसी को सुना ना पाऊ तो।
बाकि देखा जएगा,राम राम।

bymyfeelings@gmail.com

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